कुशीनगर/गोपालगंज। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और बिहार के गोपालगंज से जुड़े चर्चित जीजा-साली गोलीकांड मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद बढ़ते तनाव और संभावित खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से मृतक जितेंद्र प्रजापति की पत्नी बेबी प्रजापति को उसके ससुराल से सुरक्षित निकालकर मायके पहुंचा दिया। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दो राज्यों की पुलिस ने चलाया संयुक्त अभियान
जानकारी के अनुसार कुशीनगर जिले के तमकुहीराज थाना क्षेत्र के बसडीला बुजुर्ग गांव में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के बाद मृतका के परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। परिवार को आशंका थी कि घटना के बाद उनकी दूसरी बेटी बेबी प्रजापति पर खतरा बढ़ सकता है, जो बिहार के गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र स्थित धर्मचक गांव में अपने ससुराल में रह रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम गोपालगंज पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। दोनों राज्यों की पुलिस धर्मचक गांव पहुंची, जहां से बेबी प्रजापति को सुरक्षा घेरे में लेकर उत्तर प्रदेश लाया गया और उसे उसके मायके वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
पीछे छूट गए वृद्ध माता-पिता
इस कार्रवाई का एक भावुक पहलू भी सामने आया है। मृतक जितेंद्र प्रजापति के वृद्ध माता-पिता अब पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं। गांव वालों के अनुसार बेटे की मौत के बाद बहू ही उनका सहारा थी, लेकिन पुलिस द्वारा उसे मायके भेजे जाने के बाद घर में केवल बुजुर्ग दंपति रह गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेबी प्रजापति खुद भी इस दुख की घड़ी में अपने सास-ससुर को छोड़कर नहीं जाना चाहती थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और मायके पक्ष की चिंता को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया।
बुधवार को हुआ था सनसनीखेज गोलीकांड
पूरा मामला बुधवार को सामने आया था, जब गोपालगंज निवासी जितेंद्र प्रजापति अपनी ससुराल कुशीनगर पहुंचा था। शुरुआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि जितेंद्र का अपनी साली के साथ कथित प्रेम संबंध था, जिसे लेकर पहले भी दोनों परिवारों के बीच विवाद हो चुका था।
बताया जा रहा है कि ससुराल पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर जितेंद्र और उसकी साली के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर अवैध पिस्तौल से साली को गोली मार दी। गोली लगने से युवती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद जितेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली।
एक ही घर में हुई दो मौतों से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
अब पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी के पास अवैध हथियार कहां से आया और क्या इस घटना के पीछे केवल पारिवारिक विवाद था या कोई और कारण भी शामिल है।
पुलिस दोनों मृतकों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड की जांच कर रही है। वहीं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का सच सामने आ सकेगा।
फिलहाल दोनों राज्यों की पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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